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Shri Hanuman Jayanti Special

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अगर आप हनुमान जी को  motivation (प्रेरणा) के रूप में अपनाना चाहते हैं, तो रामायण के प्रसंगों से ये powerful mindset बना सकते हैं : 🔥 Hanuman Mindset for Daily Motivation 1. “मुझमें शक्ति है” – Self-belief 👉 (समुद्र लांघने से पहले) जब जामवंत ने याद दिलाया, तब हनुमान जी को अपनी शक्ति का एहसास हुआ। ✔️ Motivation: हर दिन खुद से कहें: ➡️ “मैं कर सकता हूँ” ➡️ Doubt को हटाओ, action लो 2. “काम पूरा करना है” – No excuses 👉 (संजीवनी बूटी लाते समय) पूरी जड़ी नहीं पहचान पाए, तो पूरा पर्वत ही उठा लाए। ✔️ Motivation: ➡️ Result चाहिए, excuses नहीं ➡️ Smart + hard work = success 3. “डर नहीं, समाधान सोचो” – Courage 👉 (लंका में अकेले जाना) ✔️ Motivation: ➡️ Problem पर नहीं, solution पर focus ➡️ Fear = growth का मौका 4. “Ego नहीं, सेवा” – Humility 👉 सब कुछ करने के बाद भी श्रेय भगवान राम को दिया ✔️ Motivation: ➡️ जितना बड़ा बनो, उतना simple रहो ➡️ Ego growth को रोकता है 5. “Focus ही power है” – Discipline 👉 सीता जी की खोज में distraction नहीं लिया ✔️ Motivation: ➡️ Mobile, time-waste से दूर ➡️ ...

Sri Bajrang Baan with Lyrics and Meaning

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Click here to join ONLINE PAATH on Tuesdays   Get  Divya Bhakti collection: The Gita Contest:    https://rejuvenatingenglishworld.blogspot.com/2024/05/the-gita-contest.html Srimad Bhagavad Gita,  Chapter 1 :     CLICK HERE TO GET SLOKAS FROM CHAPTER  1 Srimad Bhagavad Gita, Chapter 2 :  https://rejuvenatingenglishworld.blogspot.com/2024/01/chapter-2-daily-verse-shloka-divya-gyan.html Srimad Bhagavad Gita, Chapter 3 :   https://rejuvenatingenglishworld.blogspot.com/2024/04/blog-post.html Ramayan Manka 108    https://rejuvenatingenglishworld.blogspot.com/2024/04/sri-bajrang-baan.html Sri Hanuman Chalisa :   https://rejuvenatingenglishworld.blogspot.com/2023/11/sri-hanuman-chalisa.html Sri Bajrang Baan:    https://rejuvenatingenglishworld.blogspot.com/2024/04/sri-bajrang-baan.html Sri Hanuman Chalisa | 12 Names | Aarti :  https://rejuvenatingenglishworld.blogspot.com/2024/05/Hanuman%20ji.html श्र...

Hanuman ji ki Divya Bhakti

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 Stories: हनुमान जी ने क्यों अपना हृदय चीर कर प्रभु श्री राम और माता सीता के करवाएं दर्शन हनुमान जी के हृदय में श्री राम बसते हैं ! 📌📌  हनुमान जी ने क्यों अपना हृदय चीर कर प्रभु श्री राम और माता सीता के करवाएं दर्शन जिसके बाद भगवान राम बोले, ‘हे अनुज तुम मुझे मेरे जीवन से भी अधिक प्रिय हो, जिस कारण से हनुमान ने उन रत्नों को तोड़ा है यह उन्हें ही मालूम है। इसलिए इस जिज्ञासा का उत्तर हनुमान से ही मिलेगा। तब राम भक्त हनुमान ने कहा ‘मेरे लिए हर वो वस्तु व्यर्थ है जिसमें मेरे प्रभु राम का नाम ना हो। मैंने यह हार अमूल्य समझ कर लिया था, लेकिन जब मैनें इसे देखा तो पाया कि इसमें कहीं भी राम-नाम नहीं है। उन्होंने कहा मेरी समझ से कोई भी वस्तु श्री राम के नाम के बिना अमूल्य हो ही नहीं सकती।अतः मेरे हिसाब से उसे त्याग देना चाहिए। यह बात सुनकर भ्राता लक्ष्मण बोले कि आपके शरीर पर भी तो राम का नाम नहीं है तो इस शरीर को क्यों रखा है? हनुमान तुम इस शरीर को भी त्याग दो। लक्ष्मण की बात सुनकर हनुमान ने अपना वक्षस्थल नाखूनों से चीर दिया और उसे लक्ष्मणजी सहित सभी को दिखाया, जिसमें श्रीराम और माता ...

Sankatmochan Hanuman Ashtak || संकटमोचन हनुमानाष्टक

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Sankatmochan Hanuman Ashtak || संकटमोचन हनुमानाष्टक  हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है। मान्यता है कि हनुमान जी की कृपा से सभी तरह के संकट पल भर में दूर हो जाते हैं। बड़े-बड़े पर्वत उठाने वाले, समुद्र लांघ जाने वाले, स्वयं ईश्वर का कार्य संवारने वाले संकटमोचन हनुमान की विधि पूर्वक पूजा करने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। ➡️ Join us to get Divya Bhakti content daily :   Facebook  ||   WhatsApp  ||  You Tube  ||  WhatsApp Channel लाभ : ☆○☆ संकटमोचन हनुमान अष्टक के पाठ से मन और शरीर के सभी प्रकार के संकट दूर हो सकते हैं। हनुमान जी की कृपा से आपको विपत्तियों और आपत्तियों से बचने की शक्ति प्राप्त होती है। Sankatmochan Hanuman Ashtak || संकटमोचन हनुमानाष्टक 1. बाल समय रवि भक्षि लियो तब, तीनहुँ लोक भयो अँधियारो । ताहि सों त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सो जात न टारो । देवन आनि करी बिनती तब, छांडि दियो रवि कष्ट निवारो । को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो । हे हनुमान जी ! आपने अपने बाल्यावस्था में सूर्य को मुँह में रख लिया था जिससे...